उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। यहां उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, दिवाली, किसान, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर का निर्माण सिर्फ एक मंदिर नहीं है, बल्कि भारत के स्वाभिमान, आस्था और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ये क्षण भारत के एक विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प की शुभ शुरुआत है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किस भारतीय ने कभी अयोध्या आने और श्री राम की जन्मभूमि के दर्शन करने की इच्छा नहीं की? सालों तक राम भक्तों ने अपमान, अत्याचार, लाठी और गोलियां झेलीं, लेकिन अपने संकल्प से कभी नहीं हटे। आज उस अटूट आस्था का परिणाम सभी के सामने है। अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ये मंदिर उन दबी-कुचली जातियों और समुदायों के लिए भी प्रेरणा है जो संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर वो अपनी कोशिशें जारी रखते हैं, तो जीत ज़रूर मिलेगी।
कभी दिवाली पर अयोध्या में था अंधेरा – CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब वो मुख्यमंत्री बने, तो अयोध्या की हालत देखकर हैरान रह गए थे। उन्होंने कहा कि पूरे देश में दिवाली मनाई गई, लेकिन अयोध्या अंधेरे में थी। बिजली मुश्किल से दो से तीन घंटे आती थी, घाट टूटे हुए थे और गंदगी का अंबार था। उन्होंने कहा कि साल 2017 में उन्होंने अयोध्या में दीपोत्सव आयोजित करने का फैसला किया। पहले साल केवल 51,000 दीये जलाए गए थे, लेकिन हाल ही में अयोध्या में 26 लाख 17 हजार दीये जलाए गए।
अखिलेश यादव दीयों से भी चिढ़ते हैं- CM योगी
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव ने कहा था दीये जलाने की क्या ज़रूरत है? ये वही लोग हैं जिन्हें राम और कृष्ण दोनों से दिक्कत है। जब हमने ब्रज तीर्थ विकास परिषद बनाई थी, तो उन्होंने कहा था कि वो मथुरा में दुर्याेधन की मूर्ति लगाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारे संस्कार भगवान राम और कृष्ण के हैं, जबकि वो कंस और दुर्याेधन से प्यार करते हैं। इसलिए ये लोग न केवल रामद्रोही हैं, बल्कि कृष्णद्रोही और सनातन त्योहारों के भी विरोधी हैं।
‘कांग्रेस ने कहा था कि राम और कृष्ण मिथक हैं‘
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके कहा था कि राम और कृष्ण मिथक हैं। उन्होंने कहा कि इन बयानों ने करोड़ों हिंदुओं की आस्था का अपमान किया है। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की थी, और उस समय देश-विदेश से लाखों भक्त वहां मौजूद थे। कई लोगों ने ज़मीन को चूमा और खंभों को छुआ, उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे।
‘रामभक्तों पर गोलियां चलाने वाले…’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी, जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं, आज सेक्युलर होने का दिखावा करते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने रामलला की मूर्ति हटाने का आदेश दिया था, वो अब मंदिर निर्माण का श्रेय लेना चाहते हैं। लेकिन ये बदलाव लोगों की आस्था के कारण आया है।
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