Women Health Alert: वर्किंग वूमेन में क्यों बढ़ रहा है यूरिन इंफेक्शन का खतरा? जानिए बचाव के असरदार उपाय

Women Health Alert: वर्किंग वूमेन में क्यों बढ़ रहा है यूरिन इंफेक्शन का खतरा? जानिए बचाव के असरदार उपाय

लंबे वर्किंग आवर्स, गंदे वॉशरूम, सेल्फ मेडिकेशन और तनाव बढ़ा रहे महिलाओं में संक्रमण का खतरा

भारत के शहरी क्षेत्रों में रहने वाली युवा और कामकाजी महिलाओं के बीच यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) और वैजाइनल इन्फेक्शन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह समस्या अब एक बार होने वाली बीमारी तक सीमित नहीं रह गई है। बड़ी संख्या में महिलाएं साल में कई बार इस संक्रमण का सामना कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया में यूटीआई के सबसे अधिक मामलों वाले देशों में भारत शामिल है और इसका असर खासतौर पर शहरी महिलाओं पर अधिक देखा जा रहा है।

यूरिन रोकने की आदत बढ़ा रही खतरा

कामकाजी महिलाओं को लंबे समय तक ऑफिस में रहना पड़ता है। कई बार साफ-सुथरे वॉशरूम की कमी या व्यस्त दिनचर्या के कारण वे घंटों तक यूरिन रोककर रखती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत यूटीआई का प्रमुख कारण बन रही है। लंबे समय तक यूरिन रोकने से मूत्राशय में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

इंटीमेट हाइजीन में छोटी गलतियां पड़ रही भारी

डॉक्टरों के मुताबिक, निजी स्वच्छता को लेकर की जाने वाली कुछ आम गलतियां भी संक्रमण को बढ़ावा देती हैं। कई महिलाएं खुशबूदार या अधिक केमिकल वाले इंटीमेट केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं, जिससे शरीर के प्राकृतिक और लाभदायक बैक्टीरिया प्रभावित हो जाते हैं। इससे वैजाइनल इन्फेक्शन की संभावना बढ़ जाती है और शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा कमजोर पड़ती है।

बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेना खतरनाक

यूटीआई के शुरुआती लक्षण जैसे जलन, दर्द या बार-बार पेशाब आने की समस्या होने पर कई महिलाएं डॉक्टर से सलाह लेने के बजाय खुद ही एंटीबायोटिक दवाएं लेना शुरू कर देती हैं। राहत मिलते ही दवा का कोर्स बीच में छोड़ देना एक गंभीर गलती साबित हो सकती है। इससे बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं होते और उनमें दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है। नतीजतन संक्रमण बार-बार लौट आता है और इलाज कठिन हो जाता है।

टाइट कपड़े और तनाव भी जिम्मेदार

विशेषज्ञ बताते हैं कि लगातार टाइट जींस या सिंथेटिक कपड़े पहनने से शरीर के संवेदनशील हिस्सों में नमी बढ़ जाती है, जो बैक्टीरिया और फंगस के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। इसके अलावा ऑफिस और घर की जिम्मेदारियों के कारण बढ़ता मानसिक तनाव भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है। ऐसे में संक्रमण से लड़ने की शरीर की क्षमता कम हो जाती है और बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

बचाव के लिए अपनाएं स्वस्थ आदतें

डॉक्टर सलाह देते हैं कि पर्याप्त पानी पिएं, यूरिन को अधिक देर तक न रोकें, सूती कपड़ों का इस्तेमाल करें और किसी भी तरह के संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय पर इलाज और सही जीवनशैली अपनाकर यूटीआई और वैजाइनल इन्फेक्शन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

author

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *