पिछले कुछ वर्षों में लोगों की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है। पहले लोग सुबह की शुरुआत धूप और ताजी हवा के साथ करते थे, लेकिन अब अधिकांश समय मोबाइल, दफ्तर की तैयारी और घर के अंदर बीत जाता है। गर्मी के कारण भी लोग बाहर निकलने से बचते हैं। इसका असर सीधे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार धूप से दूरी शरीर में विटामिन डी की कमी का कारण बन रही है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।
धूप क्यों है जरूरी?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सूरज की रोशनी शरीर में विटामिन डी बनाने का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत है। जब त्वचा पर सूर्य की किरणें पड़ती हैं तो शरीर विटामिन डी का निर्माण करता है। यह विटामिन कैल्शियम और फॉस्फोरस को शरीर में सही तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है। यही वजह है कि मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए विटामिन डी बेहद जरूरी माना जाता है।
कमी से बढ़ सकता है बीमारी का खतरा
विटामिन डी की कमी होने पर शरीर कई तरह की समस्याओं का सामना कर सकता है। हड्डियों में दर्द, जोड़ों की परेशानी और कमजोरी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर समस्या हो सकती है, जिसमें हड्डियां कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं। इसके अलावा मांसपेशियों में कमजोरी बढ़ने से गिरने और चोट लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
कितनी देर धूप में बैठना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना 15 से 20 मिनट तक धूप लेना फायदेमंद हो सकता है। सुबह और शाम की हल्की धूप को बेहतर माना जाता है। बहुत तेज धूप में लंबे समय तक रहने से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए संतुलित समय तक धूप लेना ही सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है।
खानपान भी है जरूरी
अगर शरीर में विटामिन डी की कमी हो रही है तो खानपान पर भी ध्यान देना चाहिए। अंडे की जर्दी, मशरूम, फैटी फिश और डेयरी उत्पाद विटामिन डी के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर जांच के बाद विटामिन डी की दवाएं या सप्लीमेंट भी दे सकते हैं।
इन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों में विटामिन डी की कमी का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे लोगों को नियमित रूप से धूप लेने, टहलने और सक्रिय जीवनशैली अपनाने की सलाह दी जाती है। यदि लगातार थकान, हड्डियों में दर्द या कमजोरी महसूस हो रही है तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए। समय रहते ध्यान देने से कई गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
