गर्मियों की छुट्टियों में घूमना-फिरना जहां मन को तरोताजा करता है, वहीं कई लोग वेकेशन से लौटने के बाद पेट से जुड़ी परेशानियों का सामना करने लगते हैं। पेट फूलना, एसिडिटी, कब्ज, गैस और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी मुख्य वजह यात्रा के दौरान खान-पान और दिनचर्या में अचानक आया बदलाव होता है।
खान-पान में बदलाव बनता है बड़ी वजह
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विशेषज्ञों के अनुसार छुट्टियों के दौरान लोग अपनी सामान्य डाइट से हटकर ज्यादा तैलीय, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं। स्ट्रीट फूड, मिठाइयां, कोल्ड ड्रिंक्स और फास्ट फूड का अधिक सेवन पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डालता है। इसका असर छुट्टियां खत्म होने के बाद भी कई दिनों तक बना रह सकता है।
अनियमित भोजन और कम एक्टिविटी का असर
घूमने-फिरने के दौरान खाने का समय अक्सर बिगड़ जाता है। कई बार लोग भोजन छोड़ देते हैं या देर रात खाना खाते हैं। इससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है और कब्ज या एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसके अलावा यात्रा के दौरान घंटों बस, ट्रेन या फ्लाइट में बैठे रहने से शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। कम एक्टिविटी के कारण मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे पेट की दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
नींद की कमी भी बनती है परेशानी
वेकेशन के दौरान देर रात तक घूमना और सुबह जल्दी उठना आम बात है। इससे शरीर का प्राकृतिक स्लीप साइकिल प्रभावित होता है। पर्याप्त नींद न मिलने का सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है और पेट संबंधी समस्याएं शुरू हो सकती हैं।
छुट्टियों के बाद ऐसे रखें पेट का ख्याल
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि घर लौटने के बाद तुरंत हल्की और संतुलित डाइट अपनानी चाहिए। खिचड़ी, दाल, उबली सब्जियां और हल्का भोजन पाचन तंत्र को सामान्य स्थिति में लाने में मदद करते हैं। साथ ही तला-भुना और अधिक मसालेदार भोजन कुछ दिनों तक टालना चाहिए।
प्रोबायोटिक्स और फाइबर बढ़ाएं
दही, छाछ, इडली और अन्य फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ पेट में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने में मदद करते हैं। वहीं पपीता, सेब, सलाद, अंकुरित अनाज और साबुत अनाज जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ कब्ज और गैस की समस्या को कम करते हैं।
पानी और घरेलू उपाय भी कारगर
पर्याप्त मात्रा में पानी पीना पाचन को बेहतर बनाता है। नारियल पानी, हर्बल टी और गुनगुना पानी भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। वहीं अदरक, सौंफ और पुदीने से बनी चाय पेट की गैस और अपच में राहत देती है। यदि पेट से जुड़ी समस्या दो-तीन दिन से ज्यादा बनी रहे, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
