हाली में प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें उन्होंने सड़क पर पड़े हुए पैसे को उठाना चाहिए कि नहीं? उसके बारे में बताया गया।
अक्सर ऐसा होता है कि हम रास्ते पर चलते समय किसी नोट को पड़ा हुआ देखते हैं। मन में तुरंत सवाल आता है – इसे उठाएं या नजरअंदाज करें? प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज ने हाल ही में एक वायरल वीडियो के माध्यम से इस विषय पर आध्यात्मिक और नैतिक दृष्टिकोण से गहरी बात कही है।
सड़क पर पड़े पैसों को उठाना कैसा कर्म?
प्रेमानंद महाराज के अनुसार जब किसी को राह चलते 100, 500 या उससे अधिक राशि का नोट दिखता है, तो उसका मन डगमगाने लगता है। पहले चारों ओर देखा जाता है कि कोई देख तो नहीं रहा, फिर धीरे से पैसे उठा लिए जाते हैं। भले ही वह पैसा हम मंदिर में दान करें या किसी जरूरतमंद को दें, लेकिन उसे उठाने की प्रवृत्ति दर्शाती है कि धन के प्रति हमारा मोह कितना गहरा है।
महाराज स्पष्ट कहते हैं कि सड़क पर पड़े पैसों को उठा लेना किसी के पैसे चुराने जैसा ही है। जैसे चोरी करने से पाप लगता है, वैसे ही यह भी पाप का कार्य होता है। यह हमारे अंदर छिपे हुए लोभ और लालच को उजागर करता है।
खुद पर खर्च करना है पाप
आपको सड़क पर पैसे पड़े मिल जाते हैं, तो उन्हें स्वयं के पास रख लेना पाप होता है। इसलिए इन पैसों से आप धर्म संबंधित कोई काम कर सकते हैं। आप इन पैसों से जानवरों को चारा खिला दें या फिर किसी जरूरतमंद को खाना आदि खिला दें। ऐसा करने से आपको पुण्य की प्राप्ति होगी। इसके साथ ही आपके द्वारा धर्म संबंधित काम करने से जिस व्यक्ति के पैसे गिरे है, तो उसे भी पुण्य मिलेगा।
इन पैसों से करें धर्म से जुड़ा कार्य
प्रेमानंद महाराज यह भी बताते हैं कि अगर कभी सड़क पर पैसे मिलें, तो घबराएं नहीं और न ही उसे छुपाएं। बल्कि उन पैसों का धार्मिक और पुण्य कार्यों में उपयोग करें। जैसे गाय या अन्य जानवरों को चारा खिलाएं।किसी गरीब को खाना खिला दें, किसी मंदिर में दान कर दें, भूखे व्यक्ति को भोजन या जरूरत की चीज़ दिला दें। ऐसा करने से आपको पुण्य मिलेगा और जिस व्यक्ति के पैसे गिरे हैं, उसे भी परोक्ष रूप से पुण्य का भागी बना देगा। यह एक तरह से कर्म की शुद्धि है।
