जल्द ही नवरात्रि शुरू होने वाली है, इन दिनों में मां के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। मां भगवती शक्ति और आराधना का प्रतीक है। इस अवसर पर क्या चढ़ाने से मन प्रसन्न होती है इस लेख में पढ़िए।
नवरात्रि का पर्व साल में चार बार आता है, लेकिन शारदीय नवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण और भव्य माना जाता है। इस बार शारदीय (Shardiya Navratri) नवरात्रि 22 सितंबर 2025 से शुरू होकर 2 अक्टूबर 2025 को विजयदशमी के साथ समाप्त होगी। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए विशेष भोग, वस्त्र और पुष्प अर्पित करते हैं।
नवरात्रि में पुष्प अर्पण का महत्व
लाल रंग साहस, सौभाग्य और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मां दुर्गा आदिशक्ति हैं, इसलिए उन्हें लाल रंग बहुत प्रिय है. नवरात्रि में मां दुर्गा को लाल रंग की साड़ी, चुनरी और लाल गुड़हल का फूल अर्पण जरूर करना चाहिए। इससे मां दुर्गा प्रसन्न होकर भक्त के घर में सुख-समृद्धि का वास करती हैं और सभी दुखों का नाश होता है।
लाल गुड़हल का फूल है मां दुर्गा का प्रिय
देवघर स्थित ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि मां दुर्गा को कई फूल प्रिय हैं, जैसे कनेल और अपराजिता, लेकिन लाल गुड़हल का महत्व सबसे अधिक है। धार्मिक ग्रंथ दुर्गा सप्तशती में भी गुड़हल पुष्प का उल्लेख मिलता है। यह फूल शक्ति, साहस और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि बिना गुड़हल के पुष्प अर्पण किए नवरात्रि की पूजा अधूरी मानी जाती है।
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