भारत में बड़ी संख्या में लोग कब्ज और पेट सही तरह से साफ न होने की समस्या से परेशान रहते हैं। लंबे समय तक बनी रहने वाली यह परेशानी आगे चलकर बवासीर (पाइल्स) जैसी गंभीर समस्या का कारण बन सकती है। बवासीर में मल त्याग के दौरान दर्द, जलन और खून आने जैसी दिक्कतें होती हैं, जिससे व्यक्ति का दैनिक जीवन प्रभावित होने लगता है।
हालांकि आधुनिक चिकित्सा में बवासीर का सफल इलाज सर्जरी के जरिए संभव है। लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या ऑपरेशन के बाद भी बवासीर दोबारा हो सकती है? विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा संभव तो है, लेकिन इसके मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं।
सर्जरी के बाद भी क्यों लौट सकती है समस्या?
डॉक्टरों के अनुसार, बवासीर की सर्जरी प्रभावित हिस्से का इलाज करती है, लेकिन बीमारी के मूल कारणों को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती। यदि मरीज ऑपरेशन के बाद भी अपनी पुरानी आदतों को नहीं बदलता, तो भविष्य में दोबारा समस्या होने की आशंका बढ़ सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि लंबे समय तक कब्ज रहना, मल त्याग के दौरान अत्यधिक जोर लगाना और गुदा क्षेत्र पर लगातार दबाव पड़ना बवासीर के दोबारा होने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
कब्ज और फाइबर की कमी बन सकती है बड़ी वजह
कब्ज बवासीर की सबसे प्रमुख वजह मानी जाती है। यदि ऑपरेशन के बाद भी कब्ज की समस्या बनी रहती है, तो गुदा क्षेत्र की नसों पर दबाव बढ़ सकता है। इससे दोबारा पाइल्स विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा भोजन में फाइबर की कमी और पर्याप्त पानी न पीना भी कब्ज को बढ़ावा देता है। इसलिए विशेषज्ञ मरीजों को हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ नियमित रूप से खाने की सलाह देते हैं।
लंबे समय तक बैठना भी जिम्मेदार
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोग घंटों तक एक ही जगह बैठकर काम करते हैं। शारीरिक गतिविधि की कमी से पाचन तंत्र प्रभावित होता है और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बैठने से गुदा क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जो समय के साथ बवासीर का कारण बन सकता है। यही वजह है कि सर्जरी के बाद भी सक्रिय जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी माना जाता है।
मोटापा, गर्भावस्था और भारी वजन उठाना भी बढ़ाते हैं जोखिम
मोटापा, गर्भावस्था और लगातार भारी वजन उठाने जैसी स्थितियों में पेट के अंदर दबाव बढ़ जाता है। इसका असर गुदा क्षेत्र की नसों पर पड़ता है, जिससे बवासीर की समस्या दोबारा उभर सकती है।इसके अलावा कई मरीज शुरुआती राहत मिलने के बाद इलाज और डॉक्टर की सलाह को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे समस्या फिर से बढ़ने लगती है।
बवासीर दोबारा न हो, इसके लिए अपनाएं ये उपाय
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर बवासीर के दोबारा होने की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।
- रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- फाइबर युक्त भोजन को डाइट का हिस्सा बनाएं।
- नियमित रूप से योग और व्यायाम करें।
- लंबे समय तक एक जगह बैठने से बचें।
- मल त्याग के दौरान अधिक देर तक कमोड पर न बैठें।
- टॉयलेट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें।
- वजन को नियंत्रित रखें।
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।
- पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि बवासीर के कोई भी लक्षण दोबारा दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर उपचार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इस समस्या से लंबे समय तक बचा जा सकता है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार से संबंधित निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।
