जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित हरवान के लिडवास इलाके में सोमवार को सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन महादेव चलाकर तीन आतंकियों को मार गिराया. सेना, सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह बड़ी कामयाबी मिली है. मारे गए आतंकियों में एक की पहचान सुलेमान के रूप में हुई है, जो पहलगाम हमले में शामिल था.
पहलगाम हमले में 26 मासूमों की गई थी जान
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को हिला दिया था, जिसमें 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था. इस हमले में शामिल आतंकियों के स्कैच जारी किए गए थे, जिनमें सुलेमान, आसिफ फौजी और अबू तल्हा का नाम सामने आया था. मारे गए आतंकी सुलेमान पर 20 लाख रुपये का इनाम भी घोषित था.
मुलनार जंगल में चला सघन सर्च ऑपरेशन
हरवान के मुलनार क्षेत्र में खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. जैसे ही बल संदिग्ध स्थान के पास पहुंचे, छिपे हुए आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी. सेना ने भी त्वरित जवाबी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया.
मारे गए आतंकी – अबू हमजा, यासिर और सुलेमान
सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों की पहचान अबू हमजा (उर्फ हारिस), यासिर और सुलेमान के रूप में की गई है. हालांकि जांच एजेंसियां अभी यह सुनिश्चित कर रही हैं कि मारा गया आतंकी सुलेमान वही है या नहीं, जो पहलगाम हमले में शामिल था.
पाक के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर से पहले मच चुका है जवाबी प्रहार
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की थी. 7 मई की रात भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर पाकिस्तानी सीमा पार मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था. इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने उसे नाकाम कर दिया.
भारत की आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति
ऑपरेशन महादेव और ऑपरेशन सिंदूर, दोनों ही इस बात का प्रमाण हैं कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा. पहलगाम हमले के दोषियों को सजा दिलाने के लिए देश पूरी ताकत से खड़ा है.
