बरेली के चर्चित बच्चा चोरी और नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त मामले में गिरफ्तार नर्स सीता को लेकर लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मामले की जांच अब केवल अपहरण और तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की भी गहन पड़ताल शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि एक निजी मेडिकल संस्थान में नौकरी करने वाली महिला ने कुछ ही वर्षों में इतनी बड़ी संपत्ति कैसे जुटाई। इस मामले ने पूरे इलाके में लोगों को हैरान कर दिया है।
गांव में बना आलीशान मकान चर्चा में
सीता मीरगंज क्षेत्र के रसूलपुर गांव की रहने वाली है और फिलहाल जेल में बंद है। ग्रामीणों के मुताबिक उसने गांव में एक बड़ा और आकर्षक मकान बनवाया था, जो लंबे समय से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ था। इसके अलावा आसपास के कई इलाकों में जमीन खरीदने की भी बातें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि गूला और मुगलपुर क्षेत्रों में भी उसने संपत्ति खरीदी थी। हालांकि इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है।
अचानक बढ़ी आर्थिक स्थिति पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ साल पहले तक सीता सामान्य जीवन जीती थी, लेकिन बाद में उसकी आर्थिक स्थिति तेजी से मजबूत होती दिखाई दी। शादी बदायूं के दातागंज निवासी मनोज चौहान से होने के बावजूद वह अधिकतर समय अपने मायके क्षेत्र में ही रहती थी। वहीं उसने जमीन खरीदकर मकान बनवाया। गांव वालों के अनुसार परिवार के पास एक स्कॉर्पियो वाहन भी है, जिसे उसका पति चलाता है। अब गिरफ्तारी के बाद लोग उसकी अचानक बढ़ी संपन्नता को शक की नजर से देख रहे हैं।
सह आरोपियों की संपत्ति भी जांच में
जांच एजेंसियों की नजर सिर्फ सीता तक सीमित नहीं है। मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार गिरोह से जुड़े बताए जा रहे संजय विश्वास की आर्थिक गतिविधियां भी जांच के दायरे में हैं। बताया जा रहा है कि वह सीतापुर जिले में एक अस्पताल का संचालन करता है। उसकी जमीन, निवेश और आय के स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही उसकी शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
बच्चों की खरीद-फरोख्त के आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय हो सकता है। आरोप है कि नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त का संगठित गिरोह चलाया जा रहा था। इस मामले में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और संपत्ति के दस्तावेजों की जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
अभी और हो सकते हैं बड़े खुलासे
मामले का खुलासा करने वाली एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने बताया कि सभी आरोपियों की संपत्तियों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उनकी आय के मुकाबले संपत्ति कितनी है और धन का स्रोत क्या है। पुलिस और अन्य एजेंसियां मिलकर जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्तियों की पड़ताल से कई और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
