घरेलू हिंसा और बाल विवाह में कमी, लेकिन चुनौतियां अब भी बरकरार, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट !

घरेलू हिंसा और बाल विवाह में कमी, लेकिन चुनौतियां अब भी बरकरार, सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट !

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (2023-24) के अनुसार देश में कम उम्र में शादी के मामलों में कमी दर्ज की गई है। सर्वेक्षण में शामिल 20 से 24 वर्ष आयु वर्ग की 20.1 प्रतिशत महिलाओं की शादी 18 वर्ष की उम्र से पहले हुई थी। इससे पहले 2019-21 के सर्वेक्षण में यह आंकड़ा 23.3 प्रतिशत था। हालांकि कमी आई है, लेकिन अब भी हर पांच में से एक महिला की शादी कानूनी उम्र से पहले हो रही है, जो चिंता का विषय माना जा रहा है।

पुरुषों में भी घटे आंकड़े

रिपोर्ट के मुताबिक 25 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 15.9 प्रतिशत पुरुषों ने 21 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले विवाह कर लिया था। पिछले सर्वेक्षण में यह आंकड़ा 17.7 प्रतिशत था। इससे साफ है कि महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों में भी कम उम्र में विवाह के मामलों में कमी आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक देखने को मिली।

घरेलू हिंसा में कमी दर्ज

सर्वेक्षण में पति-पत्नी के बीच होने वाली घरेलू हिंसा को लेकर भी राहत भरी तस्वीर सामने आई है। 18 से 49 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित महिलाओं में पति द्वारा हिंसा का सामना करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 2019-21 के 29.2 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 22.3 प्रतिशत रह गया है। हालांकि यह आंकड़ा अभी भी काफी बड़ा है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर

रिपोर्ट बताती है कि ग्रामीण महिलाओं में घरेलू हिंसा का प्रतिशत 24.4 है, जबकि शहरी महिलाओं में यह 17.5 प्रतिशत है। इसी तरह बाल विवाह के मामले भी ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक हैं। ग्रामीण भारत में 23.3 प्रतिशत महिलाओं की शादी 18 वर्ष से पहले हुई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 11.4 प्रतिशत रहा। इससे साफ है कि जागरूकता और शिक्षा की कमी वाले इलाकों में यह समस्या अधिक बनी हुई है।

किशोरियों की गर्भावस्था पर रिपोर्ट

सर्वेक्षण के दौरान 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग की 6.7 प्रतिशत लड़कियां या तो मां बन चुकी थीं या गर्भवती थीं। यह आंकड़ा पिछले सर्वेक्षण के लगभग बराबर है। विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरियों में गर्भधारण की दर कम करने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच जरूरी है।

यौन हिंसा के मामलों में भी कमी

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 18 वर्ष की उम्र से पहले यौन हिंसा का अनुभव करने वाली 19 से 29 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं का प्रतिशत घटकर 0.7 रह गया है। पिछले सर्वेक्षण में यह आंकड़ा 1.2 प्रतिशत था। आंकड़े यह संकेत देते हैं कि कई क्षेत्रों में सुधार हुआ है, लेकिन महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभी भी लगातार प्रयासों की जरूरत बनी हुई है।

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