उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में चल रहे एक कथित नेटवर्किंग और धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए यूपी पुलिस ने 453 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित बचाया है। इस अभियान को नेपाल सरकार, भारत सरकार की संबंधित एजेंसियों और एक गैर-सरकारी संगठन के सहयोग से अंजाम दिया गया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भारत स्थित नेपाली दूतावास ने उत्तर प्रदेश सरकार, यूपी पुलिस और सभी सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया है।
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया के माध्यम से नेपाली नागरिकों को आकर्षक नौकरी और बेहतर आय का लालच देकर भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में बुलाया जा रहा था। यहां उन्हें कथित तौर पर धोखाधड़ी और शोषण का शिकार बनाया जा रहा था।
कुशीनगर में कई स्थानों पर की गई छापेमारी
मामले की जानकारी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने कुशीनगर जिले के विभिन्न इलाकों में व्यापक स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान कई संदिग्ध ठिकानों की जांच की गई और वहां मौजूद नेपाली नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस अभियान में यूपी पुलिस के साथ भारत सरकार की संबंधित एजेंसियों और एनजीओ ‘किन इंडिया’ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई कई दिनों की सूचना और समन्वय के बाद की गई।
115 महिलाएं और 338 पुरुषों को किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
पुलिस कार्रवाई के दौरान कुल 453 नेपाली नागरिकों को बचाया गया। इनमें 115 महिलाएं और 338 पुरुष शामिल हैं। रेस्क्यू किए गए सभी लोगों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल के रूपनदेही जिला पुलिस कार्यालय को सौंप दिया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन लोगों को रोजगार और आर्थिक लाभ के नाम पर बहलाकर इस नेटवर्क में शामिल किया गया था। मामले की विस्तृत जांच जारी है ताकि पूरे गिरोह और उसके संचालन तंत्र का खुलासा किया जा सके।
19 संदिग्ध हिरासत में, जांच जारी
इस मामले में नेपाल के रूपनदेही जिले की पुलिस ने छह महिलाओं सहित कुल 19 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क का संचालन कैसे किया जा रहा था तथा इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
नेपाली दूतावास ने जताया आभार
दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास ने इस पूरे अभियान में सहयोग देने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार, यूपी पुलिस, नेपाल पुलिस, किन इंडिया और अन्य संबंधित एजेंसियों का धन्यवाद किया है। दूतावास ने कहा कि सभी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से बड़ी संख्या में नेपाली नागरिकों को संभावित शोषण और धोखाधड़ी से बचाया जा सका।
नागरिकों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह
नेपाली दूतावास ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी, अधिक कमाई या अन्य आकर्षक प्रस्तावों के नाम पर दिए जाने वाले लालच से सावधान रहें। दूतावास ने कहा कि नेपाल सरकार और भारत में स्थित नेपाली मिशन नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन लोगों को भी सतर्क रहकर किसी भी संदिग्ध ऑफर की जांच-पड़ताल करनी चाहिए। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता कितनी जरूरी है।
