कानपुर में पुलिस ने ‘मिनी जामताड़ा’ का पर्दाफाश किया है। घाटमपुर के रेउना क्षेत्र में 17 गाड़ियों और करीब 70 पुलिसकर्मियों के साथ छापेमारी की गई। ड्रोन की मदद से पूरे इलाके की निगरानी कर खेतों में बनी झोपड़ियों को घेर लिया गया और 20 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी खेतों और बगीचों में बनी झोपड़ियों में बैठकर देशभर के लोगों को फोन करते थे। कभी खुद को पुलिस अधिकारी बताकर तो कभी सरकारी योजना या बैंक लोन के नाम पर लोगों को झांसे में लेते थे। पकड़े गए आरोपियों की पढ़ाई भी सीमित है कोई 5वीं, कोई 8वीं और कोई 11वीं तक पढ़ा है।
छापेमारी से पहले की गई रेकी
ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि यह इलाका साइबर ठगी का हॉटस्पॉट बन चुका था। कार्रवाई से पहले पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में गांव पहुंचे और गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि सुबह के समय युवक समूह में झोपड़ियों में इकट्ठा होकर ठगी की कॉलिंग करते थे।
भारी मात्रा में उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, सैकड़ों एक्टिव सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए। जांच में यह भी सामने आया कि एक आरोपी रोजाना 50 से 60 कॉल करता था, जिनमें से कई लोग उनके झांसे में आ जाते थे। इस नेटवर्क से रोज लाखों रुपये की ठगी की जा रही थी।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
कार्रवाई के दौरान करीब 15 आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
देशभर में फैला था जाल
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और म्यूल अकाउंट्स के जरिए ठगी का पैसा ट्रांसफर किया जाता था। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और अन्य संदिग्धों पर भी नजर रखी जा रही है।
