कानपुर किडनी रैकेटः बिस्तर पर नोटों की गड्डियों पर लेटे डॉक्टर अफजल का वीडियो वायरल, सामने आया बड़ा नेटवर्क

कानपुर किडनी रैकेटः बिस्तर पर नोटों की गड्डियों पर लेटे डॉक्टर अफजल का वीडियो वायरल, सामने आया बड़ा नेटवर्क

कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। अब इस केस में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें किडनी निकालने वाला डॉक्टर अफजल नोटों की गड्डियों पर लेटा है।

कानपुर में सामने आए किडनी ट्रांसप्लांट मामले में नए वीडियो और चैट ने सनसनी फैला दी है। ये फुटेज मुख्य आरोपी दलाल शिवम अग्रवाल के मोबाइल से बरामद हुए हैं। एक वीडियो में डॉक्टर अफजल नोटों की गड्डियों पर लेटा दिखाई देता है, जहां करीब 15 लाख रुपये बिस्तर की तरह बिछे नजर आते हैं। वीडियो में वह पैसों के साथ रील बनाता दिख रहा है, जो इस अवैध कारोबार की गंभीरता को उजागर करता है।

टेलीग्राम के जरिए हुआ सौदा

जांच में सामने आया है कि गिरोह ने टेलीग्राम के जरिए किडनी डोनर की तलाश की। मेरठ के अल्फा अस्पताल से जुड़े कथित डॉक्टर अफजल ने ऑनलाइन डिमांड डाली थी। बिहार के छात्र आयुष को 6 लाख रुपये का लालच दिया गया, लेकिन उसे सिर्फ 3.5 लाख रुपये ही मिले। इसी विवाद के चलते मामला पुलिस तक पहुंचा और पूरे रैकेट का खुलासा हुआ।

सीएमओ का नोटिस, अस्पताल ने आरोप नकारे

मेरठ के सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने अल्फा अस्पताल को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। इसमें कई संदिग्ध कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उनके यहां इस नाम का कोई डॉक्टर कार्यरत नहीं है। फिलहाल पुलिस अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाल रही है।

फर्जी डॉक्टर और टेक्नीशियन का खेल

जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ कि जिसे डॉक्टर समझा जा रहा था, वह असल में ओटी टेक्नीशियन निकला। आरोपी मुदस्सर अली डॉक्टर नहीं, बल्कि अस्पताल में तकनीशियन है। वहीं एम्बुलेंस चालक शिवम भी खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को ठग रहा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

अहूजा अस्पताल कनेक्शन और गिरफ्तारी

इस मामले में लखनऊ तक कनेक्शन जुड़ गया है। पुलिस ने अहूजा अस्पताल के संचालक डॉ. सुरजीत सिंह और उनकी पत्नी प्रीति अहूजा को भी गिरफ्तार किया है। दोनों के साथ अन्य आरोपियों को भी जेल भेज दिया गया है।

ऐसे खुला पूरा मामला

31 मार्च को पुलिस ने बिना अनुमति किडनी ट्रांसप्लांट के आरोप में 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। मेरठ की पारुल तोमर के लिए बिहार के युवक आयुष को पैसे का लालच देकर किडनी दिलाने का सौदा किया गया था। रकम को लेकर विवाद होने पर मामला उजागर हुआ और अब इस अवैध नेटवर्क की परतें खुलती जा रही हैं।

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