कानपुर में किडनी कांड के बाद स्वास्थ्य विभाग एक्शन मोड में है। सोमवार को एसीएमओ रमित रस्तोगी के नेतृत्व में पुलिस के साथ कल्याणपुर क्षेत्र में कई अस्पतालों पर छापेमारी की गई। इस दौरान तीन अस्पतालों को सीज कर दिया गया, जबकि कई अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
जांच के दौरान एक मकान में संचालित अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई। ऑपरेशन थिएटर के अंदर ही बिस्तर लगा था और वहीं मेडिकल स्टोर भी चल रहा था। इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए पहले ओटी सीज करने का आदेश दिया गया, लेकिन विवाद के बाद पूरे अस्पताल को ही बंद कर दिया गया।
बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल
टीम ने गोल्ड हॉस्पिटल में छापा मारकर बिना रजिस्ट्रेशन पाए जाने पर उसे सीज कर दिया। एमजे हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर नहीं मिलने पर नोटिस जारी किया गया। वहीं कान्हा, लक्ष्मी और गणेश हॉस्पिटल में व्यवस्थाएं ठीक पाई गईं। नया शिवली रोड स्थित एमपी हॉस्पिटल बिना अनुमति संचालित होता मिला, जिसे पहले भी चेतावनी दी गई थी। इस बार तीन दिन में मरीज शिफ्ट करने के निर्देश देते हुए उसे सीज कर दिया गया।
अन्य संस्थानों को नोटिस
मैगन्स और वेदा हॉस्पिटल में भी कमियां मिलने पर नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। विभाग ने साफ किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
‘अभियान जारी रहेगा’
एसीएमओ रमित रस्तोगी ने कहा कि अवैध अस्पतालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जांच के आधार पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
