2 साल बंद रहेगी कानपुर से फर्रुखाबाद रेलवे लाइन, 50 से ज्यादा ट्रेनों के बदलेंगे रूट, जानिए वजह

2 साल बंद रहेगी कानपुर से फर्रुखाबाद रेलवे लाइन, 50 से ज्यादा ट्रेनों के बदलेंगे रूट, जानिए वजह

रेलवे बोर्ड से दो साल के ब्लॉक की मांग, अटल स्टेशन और मेट्रो कनेक्टिविटी से शहर को मिलेगा बड़ा लाभ

कानपुर शहर को रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए एलिवेटेड रेलवे ट्रैक परियोजना पर तेजी से काम शुरू होने जा रहा है। रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए रेलवे बोर्ड से 730 दिन यानी लगभग दो साल का ब्लॉक मांगा है। प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है और मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

इस परियोजना के तहत मंधना से अनवरगंज के बीच मौजूदा रेलवे लाइन को एलिवेटेड ट्रैक में बदला जाएगा। इसके चलते इस रूट पर संचालित होने वाली कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त भी किया जा सकता है।

1115 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा प्रोजेक्ट

मंधना से अनवरगंज तक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक निर्माण का ठेका राजस्थान की कार्यदायी संस्था रवि इंफ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (RIPL) को दिया गया है। परियोजना की कुल लागत करीब 1115 करोड़ रुपये है, जिसमें से वित्त मंत्रालय ने 50 प्रतिशत धनराशि रेलवे विभाग को जारी कर दी है।कार्यदायी संस्था ने रेलवे लाइन और उसके आसपास की जमीन का सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ट्रैक की डिजाइन तैयार की जाएगी और इसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी।

आधुनिक तकनीक से हो रही जमीन की मैपिंग

पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना शुरू होने से पहले टोपोग्राफिकल सर्वे कराया जा रहा है। इस प्रक्रिया के जरिए जमीन की ऊंचाई, गहराई, चौड़ाई और आसपास मौजूद संरचनाओं का सटीक 3-डी नक्शा तैयार किया जाएगा। सर्वे के माध्यम से यह भी तय किया जाएगा कि एलिवेटेड ट्रैक किन स्थानों से गुजरेगा और उसका सड़क, फ्लाईओवर या अन्य संरचनाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इससे निर्माण कार्य को तकनीकी रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

बनेगा अटल स्टेशन, मेट्रो से होगा कनेक्शन

परियोजना के तहत करीब 15.52 किलोमीटर लंबे और 17 मीटर चौड़े एलिवेटेड डबल ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के सामने स्थित दलहन संस्थान की भूमि पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर ‘अटल स्टेशन’ बनाया जाएगा। इस स्टेशन को मेट्रो नेटवर्क से भी जोड़ा जाएगा, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

50 से ज्यादा ट्रेनों के रूट बदलेंगे

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, रेलवे बोर्ड से ब्लॉक मिलने के बाद मंधना से अनवरगंज के बीच रेल यातायात बंद कर दिया जाएगा। इस दौरान कुछ ट्रेनों को फर्रुखाबाद, शिकोहाबाद, इटावा और कानपुर सेंट्रल होते हुए डायवर्ट किया जाएगा। वर्तमान में इस रूट पर 50 से अधिक एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, पैसेंजर ट्रेनें और मालगाड़ियां संचालित होती हैं। ऐसे में यात्रियों को आगामी दिनों में ट्रेन रूट और समय में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि परियोजना पूरी होने के बाद शहर में यातायात व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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