आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ से टीम और फैंस को बड़ी उम्मीदें थीं. पिछले सीजन में लगातार रन बनाने वाले ऋतुराज इस बार संघर्ष करते नजर आए. 13 मैचों में उन्होंने सिर्फ 321 रन बनाए. उनकी औसत 29.18 और स्ट्राइक रेट 120.67 रहा, जो टी-20 के हिसाब से काफी धीमा माना जा रहा है. सिर्फ दो अर्धशतक उनके बल्ले से निकले. सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अहम मुकाबले में भी वह 21 गेंद पर सिर्फ 15 रन बनाकर आउट हुए, जिसने टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं.
चेन्नई पर पड़ा असर
ऋतुराज की खराब फॉर्म का असर टीम के प्रदर्शन पर भी दिखाई दिया. चेन्नई सुपर किंग्स इस सीजन लगातार उतार-चढ़ाव से गुजरती रही. कई मौकों पर टीम को मजबूत शुरुआत नहीं मिली. कप्तान होने के नाते ऋतुराज से आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने की उम्मीद थी, लेकिन कई अहम मुकाबलों में वह टीम को संभाल नहीं सके. यही कारण रहा कि टीम प्लेऑफ की दौड़ में पिछड़ती नजर आई और आलोचनाएं भी बढ़ीं.
पंत का बल्ला रहा शांत
लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान ऋषभ पंत का सीजन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. 12 मैचों में उन्होंने केवल 251 रन बनाए और सिर्फ एक अर्धशतक लगाया. उनका औसत 27.88 और स्ट्राइक रेट 138.67 रहा. पूरे सीजन में उनके बल्ले से सिर्फ 9 छक्के निकले. पंत अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार उनकी बल्लेबाजी में वह धार दिखाई नहीं दी जिसकी फैंस उम्मीद कर रहे थे.
रणनीति पर भी उठे सवाल
ऋषभ पंत की कप्तानी पर भी कई सवाल उठे. लखनऊ की टीम 12 मैचों में 8 हार के साथ अंक तालिका में सबसे नीचे पहुंच गई. टीम प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है. कई मुकाबलों में टीम चयन और गेंदबाजी बदलाव पर भी सवाल उठे. यही वजह रही कि पंत का यह सीजन कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों मोर्चों पर कमजोर दिखाई दिया.
रियान भी नहीं दिखा सके कमाल
राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का प्रदर्शन भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा. 11 मैचों में उन्होंने 258 रन बनाए. एक बड़ी पारी को छोड़ दें तो बाकी मुकाबलों में उनका बल्ला शांत ही रहा. राजस्थान की टीम अब भी प्लेऑफ की उम्मीदों के सहारे टिकी है, लेकिन लगातार दबाव बना हुआ है. इस सीजन ने दिखा दिया कि आईपीएल जैसे बड़े मंच पर कप्तानी सिर्फ नाम नहीं बल्कि बड़ी जिम्मेदारी होती है, जिसे निभाने के लिए लगातार प्रदर्शन भी जरूरी होता है.
