Heatwave Alert: हीटवेव में सेहत का रखें ध्यान, भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां

Heatwave Alert: हीटवेव में सेहत का रखें ध्यान, भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां

भीषण गर्मी और हीटवेव के दौरान पानी की कमी, धूप में ज्यादा रहना और गलत खानपान से बढ़ सकता है खतरा।

गर्मी का मौसम शुरू होते ही कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। जब लगातार कई दिनों तक अत्यधिक गर्मी पड़ती है, तो इसे हीटवेव कहा जाता है। ऐसे समय में शरीर का तापमान संतुलित रखना मुश्किल हो जाता है। शरीर पसीने और ब्लड सर्कुलेशन के जरिए खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, लेकिन कुछ रोजमर्रा की आदतें इस प्रक्रिया को बाधित कर सकती हैं। हेल्थ साइंस रिपोर्ट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, हीटवेव का प्रभाव स्वास्थ्य पर गंभीर हो सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक मानी जाती है।

पानी की कमी बन सकती है बड़ी समस्या

हीटवेव के दौरान सबसे आम गलती शरीर में पानी की कमी होने देना है। अधिक गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए काफी मात्रा में पानी निकल जाता है। यदि इस कमी को समय रहते पूरा न किया जाए तो डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। इसके कारण चक्कर आना, सिरदर्द, थकान और ध्यान लगाने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसलिए गर्मी के दिनों में दिनभर थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहना बेहद जरूरी है।

धूप और कपड़ों का रखें खास ध्यान

दोपहर के समय धूप सबसे तेज होती है और इस दौरान लंबे समय तक बाहर रहने से शरीर पर गर्मी का दबाव बढ़ सकता है। इससे हीट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि दोपहर में बाहर जाने से बचें और यदि जरूरी हो तो छांव या ठंडी जगह का सहारा लें। इसके अलावा गर्मियों में ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनना बेहतर माना जाता है, क्योंकि टाइट और गहरे रंग के कपड़े शरीर में गर्मी को ज्यादा रोकते हैं।

खानपान और गतिविधियों में बरतें सावधानी

गर्मी में अधिक पसीना आना, मांसपेशियों में ऐंठन, मतली या चक्कर आना इस बात के संकेत हो सकते हैं कि शरीर गर्मी से प्रभावित हो रहा है। इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। साथ ही अधिक कैफीन या शराब का सेवन शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकता है, इसलिए इसकी जगह पानी, ताजे जूस और इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय लेना ज्यादा फायदेमंद रहता है। गर्मी के मौसम में हल्का और पौष्टिक भोजन करना चाहिए तथा भारी शारीरिक मेहनत या एक्सरसाइज सुबह या शाम के समय करना बेहतर माना जाता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों का इस मौसम में खास ध्यान रखना जरूरी है।

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