कई लोगों को धूप में निकलते ही सिर भारी होना या दर्द शुरू हो जाता है, जिसे अक्सर सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह शरीर के असंतुलन का संकेत हो सकता है। तेज धूप में शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है, जिससे सिरदर्द ट्रिगर हो सकता है। इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी बड़ी वजह बनती है, क्योंकि पसीने के जरिए जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं।
किन लोगों को ज्यादा खतरा
यह समस्या हर किसी को नहीं होती, लेकिन कुछ लोग ज्यादा संवेदनशील होते हैं। जिन लोगों को माइग्रेन की परेशानी रहती है, उन्हें तेज धूप और रोशनी तुरंत प्रभावित करती है। इसके अलावा बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बाहर काम करने वाले लोग भी ज्यादा जोखिम में रहते हैं। जो लोग लंबे समय तक खाली पेट रहते हैं या जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, उनमें भी यह समस्या जल्दी देखने को मिलती है।
अन्य कारण भी जिम्मेदार
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि तेज धूप के साथ आंखों पर पड़ने वाली तेज रोशनी भी सिरदर्द को बढ़ा सकती है। खाली पेट धूप में जाने से ब्लड शुगर लेवल गिर जाता है, जिससे कमजोरी और दर्द बढ़ता है। इसके अलावा गर्म हवा, नींद की कमी और थकान भी इस समस्या को गंभीर बना सकते हैं। कई बार दिल की धड़कन तेज होना, चक्कर आना और बेचैनी जैसे लक्षण भी साथ में दिखाई देते हैं।
कैसे करें बचाव
धूप में जाने से पहले कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस समस्या से बचा जा सकता है। सबसे जरूरी है कि घर से निकलने से पहले पर्याप्त पानी पिएं, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। सिर को ढकने के लिए टोपी, दुपट्टा या छाता इस्तेमाल करें। आंखों को तेज रोशनी से बचाने के लिए सनग्लासेस पहनना भी फायदेमंद होता है। कोशिश करें कि दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलें और अगर जाना जरूरी हो तो हल्के और ढीले कपड़े पहनें।
कब लें डॉक्टर की सलाह
अगर धूप में जाते ही बार-बार सिरदर्द होता है, तो इसे हल्के में लेना ठीक नहीं है। एक्सपर्ट्स के अनुसार नियमित पानी पीना, संतुलित आहार लेना और पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। अगर सिरदर्द के साथ उल्टी, चक्कर या ज्यादा कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। खासतौर पर माइग्रेन या अन्य बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि समय पर ध्यान देने से ही इस समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।
