आजकल बढ़ता वजन और निकली हुई तोंद लोगों की सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। खराब खानपान और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इसका मुख्य कारण है। ऐसे में सोशल मीडिया पर ग्रीन टी को वजन घटाने का आसान तरीका बताया जा रहा है। कई लोग इसे सुबह खाली पेट पीने की सलाह देते हैं तो कुछ रात में सोने से पहले। इसी वजह से लोगों में इसे लेकर काफी कन्फ्यूजन बना हुआ है कि आखिर ग्रीन टी पीने का सही समय क्या है।
ग्रीन टी में मौजूद पोषक तत्व
ग्रीन टी सिर्फ एक साधारण ड्रिंक नहीं है, बल्कि इसमें कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। एक कप ग्रीन टी से शरीर को हाइड्रेशन के साथ विटामिन सी, विटामिन बी2 और विटामिन बी9 जैसे तत्व मिलते हैं। यह इम्यूनिटी को मजबूत करने, एनर्जी देने और सेल्स के बेहतर फंक्शन में मदद करता है। इसके अलावा इसमें पोटेशियम, मैग्नीशियम और मैंगनीज जैसे मिनरल्स भी होते हैं, जो शरीर के संतुलन को बनाए रखने में सहायक हैं।
मेटाबॉलिज्म पर असर
ग्रीन टी में कैटेचिन्स और पॉलीफेनॉल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसमें हल्की मात्रा में कैफीन भी होता है, जो शरीर में फैट ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को तेज कर सकता है। हालांकि इसे फैट बर्निंग ड्रिंक समझना गलत है, क्योंकि इसका असर तभी दिखता है जब डाइट और लाइफस्टाइल भी सही हो।
ग्रीन टी पीने का सही समय
एक्सपर्ट्स के अनुसार ग्रीन टी को कभी भी खाली पेट नहीं पीना चाहिए, क्योंकि इससे एसिडिटी और मतली की समस्या हो सकती है। इसे पीने का सबसे सही समय नाश्ते के करीब 30 से 40 मिनट बाद या दोपहर के खाने के बाद होता है। इससे पाचन में सुधार होता है और भोजन के बाद बढ़ने वाले शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
वर्कआउट और नींद से जुड़ी सावधानी
ग्रीन टी को वर्कआउट से पहले भी लिया जा सकता है, क्योंकि यह हल्का एनर्जी बूस्ट देती है। लेकिन जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या रहती है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं रात में सोने से पहले इसे पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इसमें मौजूद कैफीन नींद के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है और नींद में बाधा डाल सकता है।
कितनी मात्रा है सही
ग्रीन टी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। दिन में 2 से 3 कप ग्रीन टी पीना पर्याप्त माना जाता है। इससे ज्यादा सेवन करने पर डिहाइड्रेशन, आयरन की कमी और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसे किसी चमत्कारी उपाय की तरह नहीं बल्कि एक सपोर्टिंग ड्रिंक के रूप में लेना चाहिए, जो सही लाइफस्टाइल के साथ मिलकर ही असर दिखाती है।
