उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मंगलवार शाम एक जन्मदिन की पार्टी अचानक सनसनी में बदल गई। सिंघड़िया इलाके में सड़क पर दोस्तों के साथ जश्न मना रही अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा की दूसरे गुट से कहासुनी हो गई। इसी दौरान उसने पिस्टल निकाल ली और छीना झपटी में गोली चल गई। गोली एक युवक के ड्राइवर को जा लगी, जिसे इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस ने अंशिका को मौके से दबोच लिया। गिरफ्तारी के साथ ही मामला सिर्फ गोलीकांड तक सीमित नहीं रहा और कई चौंकाने वाले पहलू सामने आने लगे।
सोशल मीडिया से ब्लैकमेलिंग तक
जांच में सामने आया कि अंशिका सोशल मीडिया पर खुद को स्टार बताती थी और उसके करीब 75 हजार फॉलोअर्स थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक वह लोगों से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत करती थी और बातचीत को रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद पैसों की मांग की जाती थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि पिछले 5 साल में वह करीब 150 लोगों को इस तरीके से फंसा चुकी थी। इनमें कुछ सरकारी कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की परत दर परत जांच कर रही है।
पुलिस महकमे तक पहुंची जांच
अंशिका के मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों ने पुलिस विभाग में हलचल बढ़ा दी है। जांच में सामने आया है कि वह कई पुलिस अधिकारियों के संपर्क में थी। व्हाट्सऐप चैट और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि उसके बैंक खाते में किन किन लोगों ने पैसे भेजे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं कोई अधिकारी इस पूरे खेल में उसकी मदद तो नहीं कर रहा था। इस मामले में कुछ अधिकारियों पर भी नजर रखी जा रही है और जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
महंगे शौक और अपराध की राह
अंशिका गोरखपुर के हरपुर बुदहट इलाके की रहने वाली है और फिलहाल किराए के मकान में रहती थी। बताया जा रहा है कि उसके शौक काफी महंगे थे। नए फोन खरीदना, महंगे कपड़े पहनना और दोस्तों के साथ घूमना उसकी दिनचर्या में शामिल था। इन्हीं जरूरतों को पूरा करने के लिए वह गलत रास्ते पर चली गई। पुलिस के मुताबिक उस पर हत्या के प्रयास और गाड़ी चोरी जैसे मामले दर्ज हैं। ब्लैकमेलिंग को लेकर अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन पुलिस हर सबूत की जांच कर रही है और आगे सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
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