भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल की शुरुआत शानदार रही है। उनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया ने हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर लगातार दूसरी बार यह खिताब अपने नाम किया। इससे पहले भारत चैंपियंस ट्रॉफी 2025 भी जीत चुका है। इन सफलताओं के कारण गंभीर का कोचिंग कार्यकाल काफी प्रभावशाली माना जा रहा है, लेकिन पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का मानना है कि असली चुनौती अभी बाकी है।
2027 वर्ल्ड कप पर टिकी निगाहें
गांगुली के अनुसार गंभीर की वास्तविक परीक्षा 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में होगी, जिसकी मेजबानी दक्षिण अफ्रीका करेगा। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि वहां की परिस्थितियां टीम और कोच दोनों को परखेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी भरोसा जताया कि मौजूदा भारतीय टीम काफी मजबूत है और गंभीर उसे सही दिशा में आगे ले जाने की क्षमता रखते हैं।
सीनियर खिलाड़ियों के लिए अहम मौका
भारत 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद फाइनल में खिताब जीतने से चूक गया था। ऐसे में 2027 का वर्ल्ड कप भारतीय टीम के कई सीनियर खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के लिए यह संभवतः इस ट्रॉफी को जीतने का आखिरी बड़ा अवसर हो सकता है।
टेस्ट क्रिकेट और पिच पर दी खास सलाह
गांगुली ने गंभीर को टेस्ट क्रिकेट में भी सुधार पर ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टीम को पिच को लेकर ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक अच्छी और संतुलित पिचें बेहतर क्रिकेट को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने इंग्लैंड सीरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पिच में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की गई और मुकाबले काफी प्रतिस्पर्धी रहे। गांगुली ने अंत में गंभीर की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक सक्षम कोच हैं और उन्हें अपने काम के लिए थोड़ा समय दिया जाना चाहिए।
