लखनऊ में एक बार फिर भारत के सबसे बड़े शिक्षा नेतृत्व सम्मेलन Ed Leadership International Roundtable 2025 की एक निजी स्कूल मेज़बानी कर रहा है। यह सम्मेलन शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है, जहां शिक्षण केवल ज्ञान देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि बच्चों के सोचने और सीखने के तरीके को बदलने का माध्यम बन रहा है। यह चार दिवसीय आयोजन देशभर के स्कूल प्रिंसिपलों, शिक्षकों, नीति-निर्माताओं और शिक्षा विशेषज्ञों को एक साथ लाता है, ताकि वे शिक्षा के नए स्वरूप आनंददायक और प्रभावशाली सीखने की दिशा में सार्थक बदलाव ला सकें।
सीखने की रफ्तार और गुणवत्ता में क्रांति
इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय है ALfA PATH मॉडल Accelerating Learning for All। यह मॉडल दो दशक के शोध पर आधारित है और इसका उद्देश्य है कि हर बच्चा तेज़ी से, खुशी से और गहराई से सीख सके। ALfA पद्धति से बच्चे तीन गुना तेजी से सीखते हैं, अंग्रेजी और मातृभाषा दोनों में पढ़ना समझते हैं, दूसरी कक्षा का गणित 45 दिनों में सीख लेते हैं और सालभर का पाठ्यक्रम बिना दबाव के पूरा कर लेते हैं। आज यह मॉडल 8 देशों के 10,000 से अधिक स्कूलों में लागू है और 35,000 से ज्यादा स्कूलों के साथ इसके MoU हो चुके हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा सत्यापित नतीजे बताते हैं कि यह पद्धति बच्चों में रचनात्मकता, सहयोग, आलोचनात्मक सोच और आत्मविश्वास जैसी क्षमताएं बढ़ाती है।
उद्देश्यपूर्ण और समग्र शिक्षा की दिशा में
सितंबर 2025 में शुरू हुआ PATH Movement शिक्षा को Purposeful, Active, Transformative और Holistic बनाने की दिशा में एक राष्ट्रीय पहल है। इसका लक्ष्य है कि शिक्षा बच्चों को जीवन के लिए तैयार करे, न कि केवल परीक्षा के लिए। यह आंदोलन बच्चों के सर्वांगीण विकास, मानसिक सशक्तिकरण और आनंददायक सीखने को केंद्र में रखता है।
डॉ. सुनीता गांधी शिक्षा में नवाचार की अग्रदूत
इस आंदोलन और सम्मेलन की संस्थापक डॉ. सुनीता गांधी, एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षाविद् हैं, जिन्होंने 50 से अधिक देशों की शिक्षा प्रणालियों का अध्ययन किया है।
उनका दृष्टिकोण स्पष्ट है ‘हर बच्चा सीख सकता है, अगर हम सिखाने का तरीका बदल दें।’ उनके नेतृत्व में Global Education & Training Institute (GETI) हजारों शिक्षकों और स्कूलों को सशक्त बना चुका है और शिक्षा को अधिक समावेशी, रचनात्मक और प्रभावशाली बना रहा है।
राजनाथ सिंह ने दिया संदेश
भारत के रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सम्मेलन के लिए एक प्रेरणादायक वीडियो संदेश साझा किया है। उन्होंने कहा ‘शिक्षा को PATH होना चाहिए — Purposeful, Active, Transformative और Holistic।’ उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप शिक्षा में 4C स्किल्स Collaboration, Communication, Critical Thinking और Creativity को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
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