दिल्ली के मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मृतकों में बड़ी संख्या दक्षिण अफ्रीका के नागरिकों की बताई जा रही है। अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया और वहां मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ गई है।
कुछ ही मिनटों में बदल गया पूरा मंजर
बुधवार सुबह करीब 9:45 बजे आग लगने की सूचना दमकल विभाग को मिली। शुरुआत में लोगों को अंदाजा नहीं था कि आग इतनी तेजी से फैल जाएगी। लेकिन देखते ही देखते धुएं और लपटों ने पूरी इमारत को घेर लिया। कई लोग अंदर फंस गए और जान बचाने के लिए खिड़कियों तथा ऊपरी मंजिलों से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। घटनास्थल से सामने आए वीडियो इस हादसे की भयावहता को दिखा रहे हैं। हर तरफ अफरा-तफरी, चीख-पुकार और बचाव की गुहार सुनाई दे रही थी।
विदेशी मेहमानों के लिए बना मौत का जाल
जानकारी के अनुसार रेस्टोरेंट में ठहरने की भी व्यवस्था थी, जिसकी वजह से कई विदेशी नागरिक वहां मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों में अधिकतर दक्षिण अफ्रीकी नागरिक हैं। इस वजह से मामला और गंभीर हो गया है। राहत टीमों ने कई लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन कई लोगों को बचाया नहीं जा सका। घायलों का इलाज जारी है और प्रशासन लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
बचाव अभियान ने बचाईं कई जानें
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बचाव दल ने इमारत से दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि प्रशासन को आशंका है कि हादसे का असर और बड़ा हो सकता है। इसी वजह से तलाशी अभियान लंबे समय तक जारी रखा गया। मौके पर पुलिस, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय रहीं।
कारण अभी भी रहस्य बना हुआ
फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट समेत कई संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। फोरेंसिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञ घटनास्थल की जांच कर रहे हैं। हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या भवन में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे। क्या इमरजेंसी निकास मार्ग काम कर रहे थे। क्या सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया गया था। इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिल पाएंगे।
सरकार और नेताओं ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सभी एजेंसियों को तुरंत सक्रिय कर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं ने भी संवेदना व्यक्त की है। अब पूरे देश की नजर जांच पर है, क्योंकि दिल्ली यह जानना चाहती है कि आखिर ऐसी कौन सी चूक हुई जिसने 21 लोगों की जिंदगी छीन ली।
