दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे पर लगातार दूसरे दिन बड़ा हादसा सामने आया है। इस बार बागपत के डूंडाहेड़ा इलाके के पास दो ट्रकों की जोरदार टक्कर में दो लोगों की जान चली गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह टूटकर अलग हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया।
घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती
इस हादसे में आरिफ और मुनफीद की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि आसिफ, शमशाद और समीम घायल हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत में आसिफ को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
लगातार बढ़ रहे हादसे चिंता का कारण
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी इसी एक्सप्रेस-वे पर एक बड़ा हादसा हुआ था। 8 अप्रैल को बागपत के मवीकला इलाके में एक कार डिवाइडर से टकरा गई थी, जिसमें दो इंजीनियर दोस्तों की मौत हो गई थी। लगातार दो दिन में हुए हादसों ने इस एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि यह एक्सप्रेस-वे अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन हादसों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है।
14 अप्रैल को होना है उद्घाटन
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 14 अप्रैल को नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना है। इस 210 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर 6-7 घंटे से घटकर करीब 2.5 से 3 घंटे रह जाएगा। यह परियोजना तीन राज्यों से होकर गुजरती है और इसका एक हिस्सा राजाजी टाइगर रिजर्व से भी होकर जाता है।
पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाया गया प्रोजेक्ट
करीब 14,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे को खास डिजाइन के साथ तैयार किया गया है। इसे 35 से 40 फीट की ऊंचाई पर 400 से ज्यादा पिलर्स पर बनाया गया है, ताकि नीचे बहने वाली नदियों और वन्यजीवों को कोई नुकसान न पहुंचे। इसे ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है, जिससे विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाया जा सके।
सुरक्षा इंतजाम पर उठे सवाल
लगातार हो रहे हादसों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या उद्घाटन से पहले सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त हैं। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह एक्सप्रेस-वे सुविधा के बजाय खतरे का कारण बन सकता है।
