उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को गोरखपुर पहुंचे, जहां उन्होंने गीडा (GIDA) क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, ईडब्ल्यूएस और एलआईजी आवासीय योजनाओं का शुभारंभ करने के साथ संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 का भी उद्घाटन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की सुरक्षा, सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई, जिसका सकारात्मक परिणाम प्रदेश में देखने को मिला है।
सुरक्षा को बताया विकास और निवेश की पहली शर्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी प्रदेश के विकास, निवेश और रोजगार के लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सबसे जरूरी होती है। उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत होने के कारण उद्योगों का विस्तार हुआ है और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। साथ ही सरकार उन लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई कर रही है जो युवाओं के रोजगार और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करते हैं।
अपराधियों को दी कड़ी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि सरकार सभी वर्गों के विकास और कल्याण के लिए कार्य कर रही है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति गरीबों के अधिकारों का हनन करेगा, व्यापारियों को धमकाएगा या महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी चाहे कहीं भी छिपे हों, सरकार उन्हें ढूंढ़कर कानून के दायरे में लाएगी। अपराध और अराजकता के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है।
गीडा में 50 हजार युवाओं को मिला रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और उद्योग अनुकूल माहौल के कारण गीडा क्षेत्र तेजी से औद्योगिक विकास का केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि यहां स्थापित उद्योगों के माध्यम से करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, नेपाल और देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवा यहां सुरक्षित माहौल में कार्य कर रहे हैं। यह प्रदेश में स्थापित मजबूत कानून व्यवस्था का परिणाम है।
किसानों के हित में लिए गए बड़े फैसले
खरीफ उत्पादकता गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए सरकार द्वारा किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही किसानों की कर्जमाफी का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। इसके साथ ही किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए प्रदेशभर में सरकारी खरीद केंद्र स्थापित किए गए। सरकार ने किसानों को लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए हैं।
सिंचाई परियोजनाओं से बढ़ी कृषि उत्पादकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षों से लंबित पड़ी कई महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं को उनकी सरकार ने पूरा कराया है। इनमें बाण सागर परियोजना, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना और बुंदेलखंड क्षेत्र की कई सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश की लगभग 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा मिली है। इसका सीधा लाभ किसानों को मिला है और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों, युवाओं और आम नागरिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश को विकास और समृद्धि के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
