समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास विरोधी नीतियों पर काम कर रही है और प्रदेश को बदनामी के अलावा कुछ नहीं मिला है। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार हर विभाग तक पहुंच चुका है, जिसका असर प्रदेश की छवि पर भी दिखाई दे रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से आगरा की सड़कों और पर्यटन व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया भर से आने वाले पर्यटक ऐतिहासिक धरोहरों और भव्य इमारतों को देखकर प्रभावित होते हैं, लेकिन प्रदेश की खराब सड़कों और गड्ढों से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि इससे उत्तर प्रदेश की नकारात्मक तस्वीर देश और दुनिया में जाती है।
गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे पर सवाल
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले कई वर्षों में गड्ढा मुक्त सड़कों के नाम पर हजारों करोड़ रुपये का बजट खर्च करने का दावा किया, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति नहीं बदली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में आज भी सड़कें खराब हालत में हैं और आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर बजट का सही उपयोग नहीं हुआ और भ्रष्टाचार के कारण जनता को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल सकीं।
पर्यटन और कारोबार पर असर का दावा
अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन शहर में खराब व्यवस्थाओं का असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि पर्यटन से जुड़े होटल, गाइड, टैक्सी संचालक, टूर ऑपरेटर और स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा पेठा, दालमोठ, हस्तशिल्प, संगमरमर की कलाकृतियां और जूता उद्योग जैसे पारंपरिक कारोबार भी मंदी का सामना कर रहे हैं। उनका कहना था कि पर्यटन गतिविधियों में कमी आने से हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है।
निवेश और कानून व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
सपा अध्यक्ष ने कहा कि आगरा आने वाले पर्यटकों में कई विदेशी उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी भी शामिल होते हैं। उनके अनुसार प्रदेश में बदहाल बुनियादी सुविधाएं और अव्यवस्था देखकर निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भेदभावपूर्ण माहौल, खराब बुनियादी ढांचा, बिजली-पानी की समस्याएं और श्रमिक असंतोष जैसी स्थितियां निवेश को प्रभावित कर रही हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि इन कारणों से उत्तर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंच रहा है और विकास की गति प्रभावित हो रही है।
सरकार की नीतियों पर जताई नाराजगी
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और खराब प्रशासनिक व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश को अपेक्षित विकास नहीं मिल पा रहा है। सपा प्रमुख ने सरकार से बुनियादी सुविधाओं में सुधार और जनता की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।
शिक्षामंत्री को मिलनी चाहिए सजा-अखिलेश
अखिलेश यादव ने कहा है कि जिस घपले-घोटाले की सजा शिक्षामंत्री को मिलनी चाहिए उसकी सजा शिक्षक को क्यों दी जा रही है। भाजपा अपनी कमियों, कमजोरियों और भ्रष्टाचार के लिए हमेशा ही किसी और को निशाना बनाती है। कभी ‘दानाजीवी’ तथाकथित पत्रकारों से मीडियाबाजी करवाकर शिक्षा से जुड़े यूट्यूबर्स पर बेबुनियाद आरोप लगवाती है और कभी उनके शैक्षिक संस्थान बंद करवाती है। इसके लिए भाजपा संस्थान के भवनों के अवैध निर्माण का बहाना बनाती है। अगर कोई अवैध निर्माण हुआ है तो हम ‘प्रयागराज विकास प्राधिकरण’ के उन सभी अधिकारियों के निलंबन और उनसे वसूली की मांग करते हैं, जिनके समय में ये निर्माण हुआ या फिर जिन्होंने आज तक उस पर आपत्ति नहीं की। 24 घंटे में इस कार्रवाई की रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाए।
‘शिक्षा की विरोधी है बीजेपी सरकार’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों की विरोधी है। देश के इतिहास में अब ये पहली बार होगा कि शिक्षा के मुद्दे पर चुनाव लड़ा जाएगा। प्राइमरी के सरकारी स्कूलों को बंद करने, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी, मिड-डे मील जैसे घोटालों से लेकर कॉपी की हेराफेरी और भ्रष्ट-मूल्यांकन, पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में आरक्षण की हकमारी, हर संभव परीक्षा धांधली, रिजल्ट में बेईमानी और कोर्ट में परिणाम फंसाने की भाजपाई चालबाजी जैसे विषयों पर चुनाव होगा और जनता भाजपा को हमेशा के लिए बाहर कर देगी।
